Wednesday, February 29, 2012

वो प्यार क्या हैं


[ कवि के शब्द : ये कविता उस प्यार उस रंग के बारे में हैं जो हमे नहीं दिखता । हर दिखने वाले प्यार के पीछे एक पूरक प्यार होता है जो मौन रहता हैं । सोचिये वो अंधेरो के बारे में जो चाँद के साथ रहते हैं , अगर वो अँधेरे न होते तो चाँद का वजूद क्या हैं , वैसे ही कुछ प्यार के बारे में ये कविता प्रकाश डालती हैं ]


कोई बताये मुझको ये तो
ये बला , प्यार क्या हैं
जो झुक गया हैं आसमा, तो
ज़मी का, इंतज़ार क्या हैं
लला लला ला ला लाला , लला लला ला ला लाला
जुजू जुजू जू जू जुजू , जुजू जुजू जू जू जुजू ,


किसी के वास्ते जो, खड़े हैं
आते जाते रास्तो में
जो रुक गया हैं वो मुसाफिर, तो
खुले किवाड़, घर के क्या हैं
लला लला ला ला लाला , लला लला ला ला लाला
जुजू जुजू जू जू जुजू , जुजू जुजू जू जू जुजू ,

बदल रहा हैं कोई मौसम
हवा कही बदल रही हैं
जो जल रहा चिराग वो हैं, तो
खड़ा अँधेरा, साथ क्या है ।।
लला लला ला ला लाला , लला लला ला ला लाला
जुजू जुजू जू जू जुजू , जुजू जुजू जू जू जुजू ,


दिखा रहा है कोई रिश्ता
कोई अनकहे  निभा रहा है
जिसे बुला सके सही वो
तो, रिश्ता अनाम क्या हैं ।।
लला लला ला ला लाला , लला लला ला ला लाला

जुजू जुजू जू जू जुजू , जुजू जुजू जू जू जुजू ,

Saturday, February 25, 2012

Re posting "Ho Jaaye" in my voice

http://www.youtube.com/watch?NR=1&feature=endscreen&v=HQWCBwPCqO0

"हो जाए"  , एक शाम और उसके  महफ़िल के बारे में हैं । शायर एक अच्छी शाम और उसके भावनाओ को दिखाना चाहता है ।।

Reposting "Teri Aankhon me" in my voice

http://www.youtube.com/watch?v=mygGATlbyaI

'तेरी आँखों में ' प्यार को बताने की एक शायराना कोशिश है।



Friday, February 17, 2012

प्यार का गम

कुछ मिले, तन्हाई के सिवा ,
ऐसी किस्मत नहीं लगती हैं
तक़दीर लिखी है जिसने मेरी ,
शायद उससे अब मेरी , नहीं बनती हैं
...
आधे  अधूरे ख्वाबो के दिल पे  ,
टुकड़े सारे फैले मिलते  हैं
उम्मीदों के चेहरों पे अब तो ,
कपडे भी अब, मैले  दिखते हैं ।।
 .....

खाली खाली ये दुनिया , तुम बिन
कहा अब अच्छी लगती है हमको
रख लो एक कोने में दिल के
नहीं अगर  है , शिकवा तुमको ।।
......

हर बात तुम्हे कह पाना मुश्किल हैं ,
बातो को तुमसे  , छुपाना मुश्किल हैं
हर पल कटते है , सालो के जैसे ,
अब सालो तुम बिन , रह पाना मुश्किल हैं ।।

एक नज़र इधर भी

कभी देख लो एक नज़र इधर भी की रौशनी का इंतज़ार इधर भी हैं मुस्कुरा के कह दो  बातें चार की कोई बेक़रार इधर भी हैं || समय  बदलता रहता हैं हर...