Thursday, January 18, 2007

Uday..

होटो pe छुपी मुस्कराहट, लौट आई है
प्यार फिर से हमसे मिलने, चली आई है
खो गये थे कही, ज़िन्दगी के अंधेरो में
हा देखो अब रौशनी, लौट आई है
….
जीत गया है वो दिया ,
जिसे हौमु अंधेरो सो बचाए रखा
हौसला था एक दिन होगी सुबह जरुर
इसलिए सीने में एक आस, दबाये रखा

मिल गए है आपसे तो हर सुबह
फिर से सुनहरी होने लगी है
खुल गई है आँखे फिर रौशनी से
फिर से ये सपने संजोने लगी है

आपके प्यार ने बदल दी है दुनिया
बदल गए है हम, आहिस्ता आहिस्ता
जुड़ रहे है तार से तार, धीरे धीरे
बन रहा है फिर से, एक प्यारा सा रिश्ता

एक नज़र इधर भी

कभी देख लो एक नज़र इधर भी की रौशनी का इंतज़ार इधर भी हैं मुस्कुरा के कह दो  बातें चार की कोई बेक़रार इधर भी हैं || समय  बदलता रहता हैं हर...